लखनऊ, 16 अक्टूबर 2025:
देशभक्ति और आस्था पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कारसेवक’ की शूटिंग का पहला शेड्यूल पवित्र तीर्थस्थल नैमिषारण्य (सीतापुर, उत्तर प्रदेश) में 15 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है। फिल्म का निर्माण राधे मोहन फिल्म्स के बैनर तले किया जा रहा है, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं अखिलेश कुमार उपाध्याय। जिसके निर्माता आदित्य नागर हैं,

शूटिंग के पहले दिन कथा वाचक सुरेश अवस्थी बजरंग दास जी महाराज, सहित अन्य बड़े साधु-संत और विभूतियाँ भी उपस्थित रहीं। उनके आशीर्वाद से फिल्म की शुरुआत धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में हुई, जिससे पूरे सेट पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
निर्देशक अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि फिल्म ‘कारसेवक’ को दर्शक 8 नवम्बर 2026 को सिनेमाघरों में देख पाएंगे।
उनके अनुसार, यह फिल्म भारतीय समाज में आस्था, संघर्ष और बलिदान की भावना को सजीव रूप में प्रस्तुत करेगी। फिल्म की कहानी 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें उन कारसेवकों की अनकही कहानियाँ दिखाई जाएंगी जिन्होंने राष्ट्र और धर्म के लिए अपना सब कुछ समर्पित किया।
फिल्म का पहला शेड्यूल नैमिषारण्य में लगभग 25 दिनों तक चलेगा, जिसके बाद दूसरा शेड्यूल अयोध्या और लखनऊ में फिल्माया जाएगा।
टीम के अनुसार, इस फिल्म में भव्य सेट, उत्कृष्ट सिनेमैटोग्राफी, और प्रभावशाली संगीत का शानदार संयोजन देखने को मिलेगा।
निर्देशक अखिलेश कुमार उपाध्याय ने कहा —
“‘कारसेवक’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि यह एक भावनात्मक यात्रा है। यह उन असली नायकों को समर्पित है जिन्होंने इतिहास रचा। हमारी कोशिश है कि यह फिल्म हर भारतीय के दिल में गर्व और भावनाओं की लहर जगा दे।”
निर्माताओं ने बताया कि ‘कारसेवक’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ करने की योजना है, ताकि यह फिल्म भारत की सांस्कृतिक पहचान और आस्था की शक्ति को विश्व तक पहुँचा सके।
