बिजुआ (लखीमपुर खीरी), 5 जुलाई 2025
बिजुआ ब्लॉक के करसौर गांव में शारदा नदी लगातार रौद्र रूप धारण करती जा रही है। बीते 24 घंटों में दो मकान नदी में समा गए हैं, जबकि तीसरा मकान भी खतरे की जद में आ चुका है। तेजी से हो रहे कटान और जलस्तर में वृद्धि ने ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना दिया है।
🚨 ग्रामीणों का पलायन शुरू
लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान से भयभीत होकर ग्रामीण अब पलायन को मजबूर हो रहे हैं। कई परिवारों ने घर खाली कर ऊँचे स्थानों पर शरण लेना शुरू कर दिया है। खेत-खलिहान पानी में डूब चुके हैं, जिससे आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है।
🏛️ नेताओं और प्रशासन की हलचल
सूत्रों के अनुसार, आज क्षेत्र के प्रमुख नेता करसौर पहुंच सकते हैं और कटान पीड़ितों से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं प्रशासनिक अमला भी मौके पर डटा हुआ है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। रवा सहित अन्य संवेदनशील तटवर्ती गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
📢 प्रशासन की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बाढ़ राहत टीम को सतर्क रखा गया है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविर स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
📸 स्थानीय हालात—जमीन की खिसकती हकीकत
“हर साल यही होता है, लेकिन इस बार पानी बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। हमारा घर भी अब खतरे में है।”
— श्री रामऔतार, स्थानीय निवासी
अब सभी की नजरें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर टिकी हैं। आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
— रिपोर्ट: विशेष ग्रामीण संवाददाता, बिजुआ
